कर्नाटक हाईकोर्ट ने SC-ST आरक्षण बढ़ाने वाला कानून रद्द किया, कहा- 50% की सीमा का उल्लंघन असंवैधानिक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए शिक्षा संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने वाले कानून के प्रावधानों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। कानून के तहत एससी आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और एसटी आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया था। इससे राज्य में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया था। चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने कहा कि कुल आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बाध्यकारी है। केवल आबादी में वृद्धि या किसी

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कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए शिक्षा संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने वाले कानून के प्रावधानों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। कानून के तहत एससी आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और एसटी आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया था। इससे राज्य में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया था। चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने कहा कि कुल आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बाध्यकारी है। केवल आबादी में वृद्धि या किसी
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