OBC क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण: पहले से तय सीनियरिटी और प्रमोशन नहीं खुलेंगे; केंद्र को अनुपालन के लिए 8 सप्ताह का समय
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (6 नवंबर) को OBC क्रीमी लेयर से जुड़े अपने 11 मार्च के फैसले पर केंद्र सरकार की ओर से दाखिल स्पष्टीकरण आवेदन पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 11 मार्च का फैसला मूल मामले में अदालत के सामने मौजूद पक्षकारों पर लागू होगा। साथ ही, पहले से तय वरिष्ठता और प्रमोशन को दोबारा नहीं खोला जाएगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि लंबित मामलों का फैसला संबंधित अदालतें उनके गुण-दोष और पक्षकारों के अधिकारों के आधार पर करेंगी। कोर्ट ने अपने फैसले के अनुपालन के लिए आठ सप्ताह

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (6 नवंबर) को OBC क्रीमी लेयर से जुड़े अपने 11 मार्च के फैसले पर केंद्र सरकार की ओर से दाखिल स्पष्टीकरण आवेदन पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 11 मार्च का फैसला मूल मामले में अदालत के सामने मौजूद पक्षकारों पर लागू होगा। साथ ही, पहले से तय वरिष्ठता और प्रमोशन को दोबारा नहीं खोला जाएगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि लंबित मामलों का फैसला संबंधित अदालतें उनके गुण-दोष और पक्षकारों के अधिकारों के आधार पर करेंगी। कोर्ट ने अपने फैसले के अनुपालन के लिए आठ सप्ताह
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