पत्नी को अंतरिम गुजारा भत्ता देने से इनकार करने वाला आदेश त्रिपुरा हाईकोर्ट ने रद्द किया, कहा- परित्यक्त महिलाओं की सुरक्षा करना अदालत का दायित्व
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने पत्नी को अंतरिम गुजारा भत्ता देने से इनकार करने वाला फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत गुजारा भत्ता संबंधी प्रावधानों के उद्देश्य को समझने में विफल रही, जबकि इन प्रावधानों का मकसद परित्यक्त और संकटग्रस्त महिलाओं की सुरक्षा करना है। जस्टिस बिस्वजीत पालित ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने बिना साक्ष्य दर्ज किए यह निष्कर्ष निकाल लिया कि पत्नी ने अपनी मर्जी से वैवाहिक घर छोड़ा था। हाईकोर्ट ने पति को मुख्य गुजारा भत्ता याचिका के निस्तारण तक पत्नी को ₹8,000 प्रतिमाह अंतरिम गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया। मामले में

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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त्रिपुरा हाईकोर्ट ने पत्नी को अंतरिम गुजारा भत्ता देने से इनकार करने वाला फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत गुजारा भत्ता संबंधी प्रावधानों के उद्देश्य को समझने में विफल रही, जबकि इन प्रावधानों का मकसद परित्यक्त और संकटग्रस्त महिलाओं की सुरक्षा करना है। जस्टिस बिस्वजीत पालित ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने बिना साक्ष्य दर्ज किए यह निष्कर्ष निकाल लिया कि पत्नी ने अपनी मर्जी से वैवाहिक घर छोड़ा था। हाईकोर्ट ने पति को मुख्य गुजारा भत्ता याचिका के निस्तारण तक पत्नी को ₹8,000 प्रतिमाह अंतरिम गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया। मामले में
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