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वयस्क बेटी को उसकी मर्जी के खिलाफ माता-पिता के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी वयस्क महिला को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखे जाने का मामला सामने नहीं आता, तो उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध माता-पिता के साथ रहने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से हैबियस कॉर्पस रिट जारी नहीं की जा सकती। जस्टिस संजय धर ने स्पष्ट किया कि बालिग व्यक्ति को केवल इस आधार पर किसी के साथ रहने या उसके साथ जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता कि वह व्यक्ति उसका माता-पिता है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक पिता की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें

13 अक्टूबर 2026 को 10:01 am बजे
वयस्क बेटी को उसकी मर्जी के खिलाफ माता-पिता के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी वयस्क महिला को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखे जाने का मामला सामने नहीं आता, तो उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध माता-पिता के साथ रहने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से हैबियस कॉर्पस रिट जारी नहीं की जा सकती। जस्टिस संजय धर ने स्पष्ट किया कि बालिग व्यक्ति को केवल इस आधार पर किसी के साथ रहने या उसके साथ जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता कि वह व्यक्ति उसका माता-पिता है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक पिता की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें

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