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स्ट्रक्चरल ऑडिट के बिना सिर्फ़ 'देखकर की गई जांच' के आधार पर गिराने का आदेश नहीं दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 348 और 349 के तहत किसी इमारत को खाली करने और गिराने का आदेश सिर्फ़ देखकर या वर्चुअल जांच के आधार पर नहीं दिया जा सकता। इसके लिए ज़रूरी तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों द्वारा स्ट्रक्चरल जांच जैसी संबंधित तकनीकी जानकारी का होना ज़रूरी है। (तत्कालीन) चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो एम. सी. डी. के आदेशों के खिलाफ़ दायर की गईं। एम. सी. डी. ने दो इमारतों में रहने वालों को जगह खाली करने और ढांचों को गिराने

14 अक्टूबर 2026 को 04:42 am बजे
स्ट्रक्चरल ऑडिट के बिना सिर्फ़ 'देखकर की गई जांच' के आधार पर गिराने का आदेश नहीं दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत से संक्षिप्त समाचार · स्रोत संक्षेप

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 348 और 349 के तहत किसी इमारत को खाली करने और गिराने का आदेश सिर्फ़ देखकर या वर्चुअल जांच के आधार पर नहीं दिया जा सकता। इसके लिए ज़रूरी तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों द्वारा स्ट्रक्चरल जांच जैसी संबंधित तकनीकी जानकारी का होना ज़रूरी है। (तत्कालीन) चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो एम. सी. डी. के आदेशों के खिलाफ़ दायर की गईं। एम. सी. डी. ने दो इमारतों में रहने वालों को जगह खाली करने और ढांचों को गिराने

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