पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल में 'कैजुअल वैकेंसी' पर होंगे चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को वकील द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल के फैसले को चुनौती दी गई थी। इस फैसले के तहत निर्वाचित सदस्य के हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नत होने से खाली हुई सीट (कैजुअल वैकेंसी) को भरने के लिए चुनाव कराया जाना है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह की बेंच ने वकील चेतन वर्मा द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई की। वर्मा ने नई दिल्ली स्थित इलेक्शन ट्रिब्यूनल नंबर 2 के 9 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
स्रोत संक्षेप
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को वकील द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल के फैसले को चुनौती दी गई थी। इस फैसले के तहत निर्वाचित सदस्य के हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नत होने से खाली हुई सीट (कैजुअल वैकेंसी) को भरने के लिए चुनाव कराया जाना है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह की बेंच ने वकील चेतन वर्मा द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई की। वर्मा ने नई दिल्ली स्थित इलेक्शन ट्रिब्यूनल नंबर 2 के 9 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम
यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को शादी की मान्यता देने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने अनिता आडवाणी की याचिका को बताया ‘लग्जरी लिटिगेशन’

आय से अधिक संपत्ति मामले में अभियोजन को आय के हर संभावित स्रोत को गलत साबित करना जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सब-रजिस्ट्रार की सजा बरकरार रखी

वकील के बेटे द्वारा कोर्ट अधिकारी से फोन पर अभद्रता के बाद जस्टिस संजय कुमार का सख्त कदम, वकीलों के कोर्ट अधिकारियों से संपर्क करने पर लगाई रोक

गिरफ्तारी के लिखित कारण न देना अपने आप में जमानत का आधार नहीं, यदि आरोपी को कोई नुकसान नहीं हुआ: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के साथ संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने के आरोपी व्यक्ति की जमानत रद्द की

14वीं महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उद्धव सेना की अयोग्यता याचिका निरर्थक: शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

पश्चिम बंगाल चुनावी हिंसा मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट से वापस लीं 20 याचिकाएं, राज्य के बाहर मुकदमे चलाने की थी मांग

सुप्रीम कोर्ट का अनुरोध भी निर्देश माना जाएगा, पालन नहीं करने पर होगी गंभीर कार्रवाई: सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT से मांगा स्पष्टीकरण
ताज़ा ख़बरें
- CJP से 50 करोड़ मुआवजे की मांग वाली PIL पर दिल्ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार, सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट दी
- ऑपरेशन रक्षक के दौरान कारगिल में तैनात सैनिक को वॉर इंजरी पेंशन का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अपील खारिज की
- मूल असेसमेंट में किसी मुद्दे पर राय नहीं बनी तो दोबारा असेसमेंट खोलना ‘राय में बदलाव’ नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 147 के तहत पुनर्मूल्यांकन के सिद्धांत स्पष्ट किए
- दिवाली के बाद दिल्ली में और बिगड़ेगा प्रदूषण, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- 'हम घर पर नहीं बैठ सकते'
- CBI ने सुप्रीम कोर्ट से 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव-बाद हिंसा के मामलों को ट्रांसफर करने की याचिका वापस ली
- अलग-अलग अपराधों में उम्रकैद की सजा लगातार नहीं चल सकती, एक मामले में छूट से दूसरे की सजा खत्म नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट
- जनगणना 2027: OBC जातियों के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश देने से इनकार, कहा- यह नीतिगत मामला
- कानून की पूरी अनदेखी: हाईकोर्ट ने निरस्त कानूनी प्रावधानों के तहत आदेश पारित करने वाले इंदौर नगर निगम के अधिकारी पर लगाया 1 लाख का जुर्माना

