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सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ जाएगी गाड़ी खरीदने की लागत

सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया है, जिसके परिणामस्वरूप गाड़ी खरीदने की लागत बढ़ जाएगी. कार और बाइक पर इंश्योरेंस की अवधि चार और छह साल के बीच बढ़ने की संभावना है, जिससे अपफ्रंट कॉस्ट भी बढ़ेगी.

6 अगस्त 2026 को 02:17 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ जाएगी गाड़ी खरीदने की लागत

सौजन्य से:- Aaj Tak News

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सुप्रीम कोर्ट ने इस हफ्ते एक बड़ा फैसला दिया है. इस फैसले का असर आपकी कार और बाइक खरीदारी पर पड़ने वाला है. दरअसल, मंगलवार यानी 4 अगस्त 2026 को शीर्ष न्यायालय ने नए वाहनों पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने के लिए कहा है. नई कारों पर अब चार साल और बाइक पर 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य होगा.

भारत में इंश्योरेंस के अनिवार्य होने के बाद भी बड़ी संख्या में कार और बाइक बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर चल रही हैं. इसका असर एक्सीडेंट के वक्त नजर आता है, जब पीड़ित और उसके परिवार को हरजाने के लिए भटकना पड़ता है.

सुप्रीम कोर्ट ने आईआरडीए (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को मिलकर एक सिस्टम तैयार करने के लिए कहा है. ये सिस्टम कुछ इस तरह से काम करेगा कि अगर बिना इंश्योरेंस वाली बाइक या कार पेट्रोल पंप पर पहुंचती है, तो उसे फ्यूल ना मिले.

यह भी पढ़ें: क्या नंबर प्लेट छिपाना अपराध है? सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बता दिया क्या है कानून

ये तो रही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बात. अब बात करते हैं इसका असर आपके ऊपर कैसे पड़ेगा. दरअसल किसी भी कार या बाइक को खरीदने पर इंश्योरेंस का पैसा भी कंज्यूमर को ही देना होता है. ऐसे में इंश्योरेंस की अवधि बढ़ने का मतलब है कि चार्ज भी बढ़ेगा और उसकी वजह से गाड़ी की अपफ्रंट कॉस्ट बढ़ जाएगी.

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इसे एक कुछ उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए आपने टाटा टियागो का बेस वेरिएंट खरीदने की प्लानिंग की है. नई दिल्ली में इस कार की एक्स शोरूम कीमत 4,69,990 रुपये से शुरू होती है. इसके अलावा आपको रजिस्ट्रेशन चार्ज और इंश्योरेंस चार्ज देना होता है. जिसके बाद कार की ऑन-रोड कीमत लगभग 5.23 लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

यह भी पढ़ें: बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

बेस मॉडल टियागो का इंश्योरेंस लगभग 30 हजार रुपये के आसपास है. इसमें एक साल का कॉम्प्रिहेंसिव और तीन साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस शामिल होता है. अगर ये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस चार साल का होगा, तो इसका कुछ चार्ज बढ़ जाएगा. ये बढ़ा हुआ चार्ज भी कंज्यूमर को देना होगा.

ध्यान रखें कि इंश्योरेंस का चार्ज अलग-अलग प्रोवाइडर अलग-अलग कोट कर सकते हैं. इसी तरह से अगर आप बाइक खरीद रहे हैं, तो स्प्लेंडर प्लस जैसे मॉडल के लिए आपको 6 हजार के आसपास इंश्योरेंस पर खर्च करना होता है. वहीं अगर बाइक पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को बढ़ाकर 6 साल कर दिया जाए, तो इसका चार्ज भी बढ़ जाएगा. जिसकी कीमत कंज्यूमर को देनी होगी. यानी आखिर में आपको कार या बाइक खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.

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