'ऑपरेशन सिंदूर' पर पोस्ट रीपोस्ट करने वाली इंजीनियरिंग छात्रा के खिलाफ FIR बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट रीपोस्ट करने के मामले में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि किसी प्रकाशन से धार्मिक समुदायों के बीच नाराजगी या असंतोष पैदा होने की संभावना मात्र अपने आप में आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। आरोपों को संबंधित दंडात्मक प्रावधानों के आवश्यक कानूनी तत्वों को पूरा करना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी सामग्री का आपत्तिजनक होना और उसका आपराधिक अपराध की श्रेणी में आना, दोनों अलग-अलग बातें

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
स्रोत संक्षेप
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट रीपोस्ट करने के मामले में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि किसी प्रकाशन से धार्मिक समुदायों के बीच नाराजगी या असंतोष पैदा होने की संभावना मात्र अपने आप में आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। आरोपों को संबंधित दंडात्मक प्रावधानों के आवश्यक कानूनी तत्वों को पूरा करना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी सामग्री का आपत्तिजनक होना और उसका आपराधिक अपराध की श्रेणी में आना, दोनों अलग-अलग बातें
यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
'CrPC की धारा 313 के तहत सवाल आरोपी को उसकी समझ आने वाली भाषा में समझाए जाने चाहिए': झारखंड हाईकोर्ट

स्थायी पद पर अस्थायी नियुक्ति से स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्लर्क की बर्खास्तगी को सही ठहराया

महिला पत्रकार के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज FIR की जांच पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'रेस कोर्स मस्जिद' को बचाने की याचिका पर नोटिस जारी किया, केंद्र ने अगली सुनवाई तक इसे न गिराने का भरोसा दिया

2006 के भ्रष्टाचार मामले में रिटायर्ड चकबंदी अधिकारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, कठोर कार्रवाई पर रोक

पत्नी को पति की प्रेमिका को ‘छोटी बहन’ मानकर साथ रहने के लिए कहना गंभीर मानसिक क्रूरता: झारखंड हाईकोर्ट

केवल आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने से आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े मामले में छात्रा की FIR रद्द की

अविवाहित बहन भी किसान बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपये की हकदार, परिवार की सूची में नाम होना जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- भ्रष्टाचार का मामला लंबित होने से विभागीय आरोपपत्र रद्द नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
- इंदौर में ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, हर वार्ड में दो स्वयंसेवक तैनात करने के निर्देश
- नाबालिग यौन उत्पीड़न पीड़िता की अश्लील तस्वीरें छिपाने में लापरवाही पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, संबंधित क्लर्क से मांगा स्पष्टीकरण; बार काउंसिल को दिशानिर्देश बनाने का आदेश
- फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 14 साक्ष्य और प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों से छूट नहीं देती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मां को सौंपी बच्चे की कस्टडी
- यूपी सीलिंग एक्ट के तहत निर्धारित प्राधिकारी सिविल कोर्ट नहीं, उसके आदेश को अनुच्छेद 226 के तहत दी जा सकती है चुनौती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेरिकी कोर्ट के तलाक को दी मान्यता, 35 लाख रुपये के समझौते के बाद गोवा में विवाह पंजीकरण रद्द करने का आदेश
- ड्रग्स की तस्करी कई युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर सकती है: गुजरात हाईकोर्ट ने नशीली दवाओं के निर्माण मामले में जमानत देने से किया इनकार
- वोटर लिस्ट SIR विवाद: चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दिए 10 दिन

