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हालात में बदलाव के बिना सिर्फ़ 6 महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट देकर नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी खारिज नहीं की जा सकती: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल पूरा नहीं हुआ तो चिल्ड्रन कोर्ट किसी नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी को सिर्फ़ इस आधार पर खारिज नहीं कर सकता कि उसे छह महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट दी जा रही है। कोर्ट ने माना कि जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 के तहत ऐसा तरीका अपनाना सही नहीं है। जस्टिस जितेंद्र कुमार की सिंगल जज बेंच नाबालिग की अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील चिल्ड्रन कोर्ट के 02.01.2026 के उस आदेश के खिलाफ है, जो जे. ई.. ट्रायल नंबर 18/2025 (सिवान मुफस्सिल पी. एस.. केस नंबर 539/2025

14 अक्टूबर 2026 को 03:39 am बजे
हालात में बदलाव के बिना सिर्फ़ 6 महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट देकर नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी खारिज नहीं की जा सकती: पटना हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

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पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल पूरा नहीं हुआ तो चिल्ड्रन कोर्ट किसी नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी को सिर्फ़ इस आधार पर खारिज नहीं कर सकता कि उसे छह महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट दी जा रही है। कोर्ट ने माना कि जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 के तहत ऐसा तरीका अपनाना सही नहीं है। जस्टिस जितेंद्र कुमार की सिंगल जज बेंच नाबालिग की अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील चिल्ड्रन कोर्ट के 02.01.2026 के उस आदेश के खिलाफ है, जो जे. ई.. ट्रायल नंबर 18/2025 (सिवान मुफस्सिल पी. एस.. केस नंबर 539/2025

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