राउज एवेन्यू कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद के रेप मामले में जांच के लिये 18 दिन की अंतिम तिथि तय की
अदालत ने दिल्ली पुलिस को 23 अक्टूबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया और दो‑तीन महीने के अतिरिक्त समय को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सांसद ने शादी का दिखावा कर दुष्कर्म किया, जबकि पुलिस ने प्रारम्भिक रिपोर्ट दे दी थी। इस बीच सांसद को गाजियाबाद में गैर‑जमानती वारंट वाला एक अलग मामला भी चल रहा है।

सौजन्य से:- Hindustan
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ रेप केस में अदालत ने तय कर दिया वक्त, दिल्ली पुलिस को 18 दिन की मोहलत
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दी गई रेप की शिकायत की जांच पुलिस को 23 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी। अदालत ने अगली तारीख तक इसे पूरी करने को कहा है।
निखिल पाठक, नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पर लगाए गए रेप के आरोप को लेकर अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए अगली तारीख तक जांच पूरी करने को कहा है। अगली तारीख 23 अक्टूबर की निश्चित कर दी है। इसका मतलब है कि दिल्ली पुलिस के पास अब 18 दिन बचे हैं और इस अवधि में इस मामले की जांच पूरी करके रिपोर्ट अदालत को देनी होगी।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की जांच में हो रही देरी पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के संबंधित जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को नोटिस जारी किया है। अदालत ने डीसीपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि मामले की प्रारंभिक जांच अगली सुनवाई से पहले पूरी की जाए। अदालत ने जांच पूरी करने के लिए पुलिस की ओर से मांगे गए दो से तीन महीने के अतिरिक्त समय की मांग को खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल की अदालत ने यह आदेश दिया। शिकायतकर्ता महिला ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर दिल्ली पुलिस में शिकायत दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि चंद्रशेखर आजाद ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में धोखाधड़ी के भी आरोप लगाए गए थे। पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर महिला ने राउज एवेन्यू कोर्ट का रुख किया था। उसने अदालत से दिल्ली पुलिस को चंद्रशेखर के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी।
अनावश्यक देरी पर उठाए सवाल
इस मामले में पहले अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जांच की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस को शुरुआती तौर पर समय दिए जाने के बाद उसने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में अब तक की गई जांच और मामले में हुई प्रगति का ब्योरा दिया गया था। हालांकि, पुलिस के वकील ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए दो से तीन महीने का और समय मांगा। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष दास ने पुलिस की अतिरिक्त समय की मांग का विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष विभिन्न न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे अपराध, जिनमें सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान है, उनकी जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के अपराध में न्यूनतम दस साल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में जांच पूरी करने के लिए पुलिस को इतना लंबा अतिरिक्त समय नहीं दिया जाना चाहिए। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को दो से तीन महीने का अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया।
सांसद के खिलाफ जारी हुआ है गैर जमानती वारंट
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ की गई शिकायत के मामले की जांच दिल्ली पुलिस ने ऐसे समय पर जल्द पूरी करने को कहा है जब सांसद एक और मामले में घिर गए हैं। गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने 8 साल पुराने एक मामले में उनके खिलाफ गैर जमानत वारंट जारी किया है। यह एक युवक के साथ मारपीट और गाली-गलौज से जुड़ा मामला है। गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर के रहने वाले धर्मेंद्र का आरोप है कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र में एक विवाह समारोह के दौरान उनके साथ मारपीट की गई थी। इस मामले की अगली सुनवाई भी 23 अक्टूबर को ही होगी।
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