होम›हाई कोर्ट›तेजपाल केस: बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले के मायने
हाई कोर्ट

तेजपाल केस: बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले के मायने

बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले से यह स्पष्ट होता है कि तरुण तेजपाल के खिलाफ़ गवाहों के बयान पर ज्यादा ध्यान दिया गया है.

8 अगस्त 2026 को 11:14 pm बजे
तेजपाल केस: बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले के मायने

सौजन्य से:- फेसबुक

तरुण तेजपाल केस में बॉम्बे हाई कोर्ट का फ़ैसला सर्वाइवर के चरित्र, बर्ताव और बयान पर क्या कहता है?

इस मामले में आए कोर्ट के फ़ैसले और उसके मायने समझा रही हैं बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य.

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
68 वर्षीय विधवा मां को छोड़ने के लिए इकलौते बेटे पर दबाव बनाना मानसिक क्रूरता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

68 वर्षीय विधवा मां को छोड़ने के लिए इकलौते बेटे पर दबाव बनाना मानसिक क्रूरता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

राज्य मानव पीड़ा का दर्शक नहीं हो सकता: पटना उच्च न्यायालय ने कहा कि अस्पताल रिकॉर्ड त्रुटि पर कोविड अनुग्रह राशि के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता है
हाई कोर्ट

राज्य मानव पीड़ा का दर्शक नहीं हो सकता: पटना उच्च न्यायालय ने कहा कि अस्पताल रिकॉर्ड त्रुटि पर कोविड अनुग्रह राशि के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता है

यासीन मलिक एन. आई. ए. की मौत की सजा की याचिका पर सुनवाई से अनुपस्थित: दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिहाड़ जेल से मांगी रिपोर्ट
हाई कोर्ट

यासीन मलिक एन. आई. ए. की मौत की सजा की याचिका पर सुनवाई से अनुपस्थित: दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिहाड़ जेल से मांगी रिपोर्ट

वादी गहरी नींद में नहीं सो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मध्यस्थता अपील में 831 दिनों की देरी माफ करने से किया इनकार
हाई कोर्ट

वादी गहरी नींद में नहीं सो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मध्यस्थता अपील में 831 दिनों की देरी माफ करने से किया इनकार

नीतिगत निर्णय पर लंबित अवधि के आवेदन के लिए राज्य विधवा पेंशन से इनकार नहीं कर सकता है: ए. पी. उच्च न्यायालय
हाई कोर्ट

नीतिगत निर्णय पर लंबित अवधि के आवेदन के लिए राज्य विधवा पेंशन से इनकार नहीं कर सकता है: ए. पी. उच्च न्यायालय

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने दरवाजे पर गवाहों की गवाही दर्ज करने के लिए मोबाइल ई-सेवा वैन शुरू की, ई-अदालत सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों में ले जाएँ
हाई कोर्ट

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने दरवाजे पर गवाहों की गवाही दर्ज करने के लिए मोबाइल ई-सेवा वैन शुरू की, ई-अदालत सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों में ले जाएँ

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जियोस्टार के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने से किया इनकार 'हमेशा के लिए रानी' फिल्म
हाई कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जियोस्टार के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने से किया इनकार 'हमेशा के लिए रानी' फिल्म

'कोर्ट प्वाइंट' वी. सी. जिरह के लिए अदालत परिसर के बाहर प्रतिपरीक्षा निर्धारित की जा सकती है।: दिल्ली उच्च न्यायालय
हाई कोर्ट

'कोर्ट प्वाइंट' वी. सी. जिरह के लिए अदालत परिसर के बाहर प्रतिपरीक्षा निर्धारित की जा सकती है।: दिल्ली उच्च न्यायालय

ताज़ा ख़बरें