ई-पेपर

रविवार, 12 जुलाई 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
रविवार, 12 जुलाई 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
अपराध

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मामला कल सुप्रीम कोर्ट में

Amar Ujala के अनुसार · 24x7 NYAYA
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मामला कल सुप्रीम कोर्ट में
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

सुप्रीम कोर्ट कल यानी 13 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित हेराफेरी के मामले पर सुनवाई करने के लिए तैयार है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।

संविधान

संविधान की व्याख्या

संविधान की व्याख्या

संविधान की व्याख्या एक जटिल और महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है जो न्यायपालिका द्वारा की जाती है

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

हाई कोर्ट

विशेष लोक अदालत: 21 और 30 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय में हो रहा आयोजन

सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के सुलह समझौता के माध्यम से निस्तारण के लिए 21 और 30 अगस्त को विशेष लोक अदालत की तैयारियां पूरी हो गई हैं।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

मुकदमे

एसआईसीसीएल के प्रबंधकों को सैट से राहत पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

शीर्ष अदालत सेबी की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी, जिसमें सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंधकों और कंपनी सचिव को राहत देने वाले प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश के एक हिस्से को चुनौती दी गई है।

आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7