दिल्ली उच्च न्यायालय का साप्ताहिक समीक्षा: 29 जून से 05 जुलाई, 2026

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल के मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। पहला मामला श्री धनपत राय गुप्ता बनाम श्री कश्मीरी लाल गुप्ता (मृतक) और अन्य का था, जहां अदालत ने निर्देश दिया कि केवल पहले के मौखिक पारिवारिक समझौते को दर्ज करने वाले ज्ञापन को अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है यदि यह स्वयं अचल संपत्ति में अधिकारों का निर्माण या समाप्ति नहीं करता है। दूसरा मामला ए वी. वी का था, जहां अदालत ने निर्णय दिया कि जिस स्रोत से माता-पिता अपने बच्चों के लिए छुट्टियों का खर्च उठाने का प्रस्ताव करते हैं, वह नाबालिग बच्चों की अंतरिम हिरासत का निर्धारण करते समय प्रासंगिक विचार नहीं है। तीसरा मामला सुदीप्ति हजेला बनाम इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं अन्य का था, जहां अदालत ने आगामी एशियाई खेलों 2026 के लिए भारतीय ड्रेसेज टीम के चयन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।
विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।

