एआरटी अधिनियम के तहत आयु सीमा उपचार की शुरुआत पर लागू होती है, क्रायोप्रिजर्व्ड भ्रूण के माध्यम से जारी रखने पर नहीं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 50 वर्षीय महिला को जमे हुए भ्रूण स्थानांतरण से गुजरने की अनुमति दी

दिल्ली उच्च न्यायालय: याचिकाकर्ताओं को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विनियमन अधिनियम, 2021 (एआरटी अधिनियम) के प्रावधानों के तहत द्वारका के क्लाउडनाइन अस्पताल में उनके शेष 5 क्रायोप्रिजर्व्ड भ्रूणों के जमे हुए भ्रूण स्थानांतर…
अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलीलें रखीं, जबकि सरकार ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कानूनी जानकारों के अनुसार इस व्यवस्था का दूरगामी असर पड़ सकता है और यह भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर बनेगी।
आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके। पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

