ई-पेपर

शुक्रवार, 29 मई 2026 · दिल्ली संस्करण

पृष्ठ 1 / 7
100%
दैनिक ई-संस्करणनई दिल्ली
24x7 NYAYA — Legal News Network
न्याय ही सत्य है
शुक्रवार, 29 मई 2026हिंदी लीगल न्यूज़ नेटवर्कमूल्य ₹0 · डिजिटल
कानून

2026 LiveLaw (SC) 570 | ASHOK AND ORS. VERSUS PADAM CHAND AND ORS.

Live Law के अनुसार · 24x7 NYAYA
2026 LiveLaw (SC) 570 | ASHOK AND ORS. VERSUS PADAM CHAND AND ORS.
प्रतीकात्मक चित्र · सौजन्य: Unsplash

1940 Arbitration Act | Award In Arbitration Invoked During Pending Civil Suit Without Court's Leave Not Enforceable : Supreme Court

सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। अदालत ने सभी पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद आदेश पारित किया।

पीठ ने कहा कि कानून का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी गई है, जहाँ शेष बिंदुओं पर विचार होगा। आदेश की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि अमल सुनिश्चित हो सके।

कानून

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के बाद फैसले सुनाने के लिए उच्च न्यायालयों के लिए 3 महीने की समय सीमा तय की

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के बाद फैसले सुनाने के लिए उच्च न्यायालयों के लिए 3 महीने की समय सीमा तय की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को एक मामले में फैसला सुनाने के लिए उच्च न्यायालयों के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की। सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि फैसले के लिए मामले को आरक्षित करने की तारीख से यह…

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

टॉप कानूनी ख़बरें

मध्यस्थता को बढ़ावा: मीडिएशन अधिनियम के तहत नए केंद्र शुरू

अदालतों का बोझ घटाने के लिए वैकल्पिक विवाद निपटान पर ज़ोर।

पीठ ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत निष्पक्षता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है। विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी।

टॉप कानूनी ख़बरें

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की स्वीकार्यता पर नई गाइडलाइन

नए साक्ष्य अधिनियम के तहत डिजिटल सबूत के प्रमाणन की शर्तें स्पष्ट।

विशेषज्ञों ने इस निर्णय को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे लंबित विवादों के निपटारे में मदद मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

24x7nyayanews.liveपृष्ठ 1 / 7