'जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्र में मार्च निकाल सकते हैं, तो तमिलनाडु में अनुमति क्यों नहीं?' RSS मार्च पर मद्रास हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार (14 अक्टूबर) को तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की रूट मार्च निकालने की अनुमति से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सवाल किया कि जब संगठन जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्रों में भी मार्च निकाल सकता है, तो तमिलनाडु पुलिस उसे हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों करती है। जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर वे (RSS) जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्र में मार्च निकाल सकते हैं, तो तमिलनाडु पुलिस उन्हें हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों कर रही है?” अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य सरकार

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार (14 अक्टूबर) को तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की रूट मार्च निकालने की अनुमति से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सवाल किया कि जब संगठन जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्रों में भी मार्च निकाल सकता है, तो तमिलनाडु पुलिस उसे हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों करती है। जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर वे (RSS) जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्र में मार्च निकाल सकते हैं, तो तमिलनाडु पुलिस उन्हें हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों कर रही है?” अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि राज्य सरकार
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