युवाओं को जिंदगी भर अपराधी नहीं माना जाना चाहिए: नाबालिग रहते दर्ज मामले के कारण कांस्टेबल की नियुक्ति रद्द करने पर पटना हाईकोर्ट ने पुनर्विचार का दिया आदेश
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार द्वारा आपराधिक मामले की जानकारी छिपाना नियुक्ति के मामले में प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि छिपाई गई जानकारी वास्तव में कितनी महत्वपूर्ण थी। इस संबंध में निर्णय लेते समय उम्मीदवार की उम्र, आरोपों की प्रकृति और मामले की परिस्थितियों पर निष्पक्षता से विचार करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि कम उम्र में हुई गलती के आधार पर किसी युवा को जीवनभर अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जस्टिस पार्थ सारथी की सिंगल बेंच राहुल कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। राहुल

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पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार द्वारा आपराधिक मामले की जानकारी छिपाना नियुक्ति के मामले में प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि छिपाई गई जानकारी वास्तव में कितनी महत्वपूर्ण थी। इस संबंध में निर्णय लेते समय उम्मीदवार की उम्र, आरोपों की प्रकृति और मामले की परिस्थितियों पर निष्पक्षता से विचार करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि कम उम्र में हुई गलती के आधार पर किसी युवा को जीवनभर अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जस्टिस पार्थ सारथी की सिंगल बेंच राहुल कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। राहुल
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