होम›हाई कोर्ट›राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास के आधार पर पूरे अभियोजन पक्ष को खारिज नहीं किया जा सकता
हाई कोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास के आधार पर पूरे अभियोजन पक्ष को खारिज नहीं किया जा सकता

राजस्थान हाईकोर्ट ने लगभग 30 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अधीनस्थ अदालत द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को आंशिक रूप से पलट दिया। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने आरोपी मंगलाल को गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध में दोषी ठहराया। हालांकि, घटना वर्ष 1996 की होने और लगभग तीन दशक बीत जाने को ध्यान में रखते हुए उसे कारावास की सजा देने के बजाय सदाचार परिवीक्षा का लाभ प्रदान किया। अदालत ने घायल को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। राज्य बनाम मंगलाल प्रकरण में राज्य सरकार ने उदयपुर

15 अक्टूबर 2026 को 03:45 am बजे
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- गवाहों के बयानों में मामूली विरोधाभास के आधार पर पूरे अभियोजन पक्ष को खारिज नहीं किया जा सकता

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

राजस्थान हाईकोर्ट ने लगभग 30 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अधीनस्थ अदालत द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को आंशिक रूप से पलट दिया। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने आरोपी मंगलाल को गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध में दोषी ठहराया। हालांकि, घटना वर्ष 1996 की होने और लगभग तीन दशक बीत जाने को ध्यान में रखते हुए उसे कारावास की सजा देने के बजाय सदाचार परिवीक्षा का लाभ प्रदान किया। अदालत ने घायल को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। राज्य बनाम मंगलाल प्रकरण में राज्य सरकार ने उदयपुर

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सीएमआरएल रिश्वत मामला: केरल हाईकोर्ट ने खारिज की पिनाराई विजयन की अपील याचिका, एफआईआर दर्ज करने का रास्ता साफ
हाई कोर्ट

सीएमआरएल रिश्वत मामला: केरल हाईकोर्ट ने खारिज की पिनाराई विजयन की अपील याचिका, एफआईआर दर्ज करने का रास्ता साफ

छात्रों की जानकारी के बिना फर्जी दाखिले की जांच के निर्देश: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ और जौनपुर के संस्थानों पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
हाई कोर्ट

छात्रों की जानकारी के बिना फर्जी दाखिले की जांच के निर्देश: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ और जौनपुर के संस्थानों पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

विशेष परिस्थितियों के बिना पिता 'हेबियस कॉर्पस' याचिका के जरिए बच्चे की कस्टडी नहीं मांग सकते: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

विशेष परिस्थितियों के बिना पिता 'हेबियस कॉर्पस' याचिका के जरिए बच्चे की कस्टडी नहीं मांग सकते: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

न्यायिक समीक्षा के सीमित आधार और 20 साल की देरी: हाईकोर्ट ने अंबेडकर नगर निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
हाई कोर्ट

न्यायिक समीक्षा के सीमित आधार और 20 साल की देरी: हाईकोर्ट ने अंबेडकर नगर निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

मौत से ठीक पहले क्रूरता के सबूत नहीं और इलाज के दौरान वित्तीय मदद भेजी: दहेज हत्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति को दी जमानत
हाई कोर्ट

मौत से ठीक पहले क्रूरता के सबूत नहीं और इलाज के दौरान वित्तीय मदद भेजी: दहेज हत्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति को दी जमानत

सरकारी नौकरी में एक ही जगह तैनात रहने की जिद नहीं कर सकता पूर्व सैनिक: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

सरकारी नौकरी में एक ही जगह तैनात रहने की जिद नहीं कर सकता पूर्व सैनिक: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

भरण-पोषण मामले में व्यभिचार के आरोपी तीसरे पक्ष को भी सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

भरण-पोषण मामले में व्यभिचार के आरोपी तीसरे पक्ष को भी सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

आवेदन पर देरी से फैसला लेने की सजा विधवा को क्यों? आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आवेदन की तारीख से पेंशन का बकाया देने का दिया आदेश
हाई कोर्ट

आवेदन पर देरी से फैसला लेने की सजा विधवा को क्यों? आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आवेदन की तारीख से पेंशन का बकाया देने का दिया आदेश

ताज़ा ख़बरें