'शो कॉज़ नोटिस' के साथ ड्रग लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) और लाइसेंस सस्पेंशन (निलंबन) आदेश को एक साथ मिलाकर जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने का आदेश तभी दिया जा सकता है, जब लाइसेंस धारक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए कि उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों न की जाए। बता दें कि 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945' के नियम 66(1) के तहत अगर लाइसेंस धारक शर्तों या कानूनों का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर सकती है। ऐसा करने से

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) और लाइसेंस सस्पेंशन (निलंबन) आदेश को एक साथ मिलाकर जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने का आदेश तभी दिया जा सकता है, जब लाइसेंस धारक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए कि उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों न की जाए। बता दें कि 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945' के नियम 66(1) के तहत अगर लाइसेंस धारक शर्तों या कानूनों का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर सकती है। ऐसा करने से
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